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भूखंडों का स्वामित्व दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने बढ़ाई 15 दिन की समय सीमा

नई टिहरी(आरएनएस)। टिहरी बांध से प्रभावित नई टिहरी नगर क्षेत्र के लोगों को भूखंडों के स्वामित्व को सरकारी अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 15 दिन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। उन्हें पुरानी टिहरी शहर में निवास का प्रमाणपत्र बिजली का बिल, राशन कार्ड और वोटर कार्ड दस्तावेज टिहरी तहसील कार्यालय में जमा करने होंगे। पुनर्वास निदेशक / जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि नई टिहरी शहर में पुनर्वास के अंतर्गत आवंटित सभी भूखंडों व आवासीय भवनों के स्वामित्व को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने का कार्य एक जनवरी से चल रहा है। अभियान के दौरान अब तक 44 लोगों ने अपने भूखंडों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तहसील टिहरी में जमा कराए हैं। उक्त दस्तावेजों को जांच के लिए पुनर्वास कार्यालय भेजा गया है। जहां सत्यापन के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई हेतु तहसील को प्रेषित किया जाएगा। पुनर्वास निदेशक नितिका ने बताया कि जिन लोगों ने अभी तक अपने भूखंडों का स्वामित्व सरकारी अभिलेखों में दर्ज नहीं कराया है। वे आगामी 15 दिनों के तहसील टिहरी में आवश्यक दस्तावेज जमा कर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। यदि भूखंड का स्वामित्व सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होता है तो भविष्य में संपत्ति से जुड़े कानूनी मामलों, प्रशासनिक कार्यों व विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है। जिन मामलों में मूल आवंटी की मृत्यु हो चुकी है। उन्हें उत्तरजीवी प्रमाणपत्र और मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करना होगा। साथ ही इस आशय का एक शपथ पत्र भी नोटरी के माध्यम से देना होगा कि संबंधित आवास का किसी भी स्तर पर विक्रय नहीं किया गया है। निर्धारित अवधि में दस्तावेज जमा कराने वाले पात्र व्यक्तियों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवंटनपत्र या संशोधित आवंटनपत्र जारी किए जाएंगे। पुनर्वास निदेशक ने बताया कि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करने वाले मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।