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अल्मोड़ा जनपद में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

अल्मोड़ा। जनपद में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। सुबह नंदा देवी मंदिर से मुख्य बाजार होते हुए चौघानपाटा तक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। प्रभात फेरी के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश दिया गया। मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुआ, जहां जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इसके बाद उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया गया। जिलाधिकारी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान में निहित न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को अपनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और बलिदान देश के लिए प्रेरणा है और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय के साथ स्वयं को जागरूक और अद्यतन रखते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान मतदाता जागरूकता अभियान के तहत प्रतिभागियों को मतदान की शपथ भी दिलाई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए शत प्रतिशत मतदान आवश्यक है और हर मतदाता को अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में पौधारोपण भी किया गया। जिलाधिकारी अंशुल सिंह और मुख्य विकास अधिकारी ने पौधे लगाकर लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और उनका संरक्षण करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने डेयरी विभाग के एटीएम दुग्ध वाहन का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से दुग्ध उत्पादों की सहज उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित, जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति गीतों और नारों से वातावरण राष्ट्रप्रेम से सराबोर रहा।