ALT UTTARAKHAND NEWS

उत्तराखंड की खबरों से सरोकार

Advertisement

आबादी क्षेत्र में चिन्हित भूखंडों की तारबाड़ को लेकर जमकर हंगामा

ऋषिकेश(आरएनएस)। वनभूमि सर्वे के बाद ऋषिकेश की आबादी क्षेत्र में चिन्हित भूखंडों की तारबाड़ को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। अमितग्राम में टीम के पहुंचते ही भूखंड के कब्जेदारों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए वन विभाग, प्रशासन और पुलिसकर्मियों को जमकर खरीखोटी सुनाई, लेकिन पुलिस बल ने उनके एक न सुनते हुए दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद घेरेबंदी की कार्रवाई शुरू की गई। शनिवार सुबह ऋषिकेश रेंज कार्यालय से प्रशासन और पुलिसकर्मियों की टीम सर्वे में चिन्हित भूखंडों की तारबाड़ के लिए अमितग्राम की गली नंबर-27 में पहुंची। प्रशासन, पुलिस और वनकर्मियों का भारी-भरकम अमला पहुंचते ही एक बार फिर अमितग्राम क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल दिखा। तारबाड़ के लिए आधुनिक मशीनों से सपोर्ट पोल के लिए जैसे ही खुदाई शुरू हुई तो भूखंड कब्जेदार मौके पर धमक पड़े। उन्होंने कार्रवाई को नाजायज बताते हुए जमकर विरोध किया। कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सर्वे में चिन्हित होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई पर सवाल उठाए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने किसी की एक नहीं सुनते हुए विरोध कर रही दो महिलाओं को जबरन हिरासत में लिया और सीधे उन्हें कोतवाली ले गई। कोतवाल कैलास चंद्र भट्ट ने बताया कि महिलाओं को शनिवार शाम ही निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। वहीं, कार्रवाई में तहसीलदार चमन सिंह, वन विभाग एसडीओ अनिल रावत, नायब तहसीलदार जाहिद हसन, रेंजर जीएस धमांदा आदि शामिल रहे।

समझाने की कोशिश नाकाम: वन विभाग ने चिन्हित भूखंडों में तारबाड़ करने की जानकारी देने के लिए बीते शुक्रवार को पार्षदों के साथ बैठक की। इसमें सर्वे से संबंधित 12 वार्डों के पार्षदों को नगर निगम कार्यालय में वार्ता के लिए बुलाया गया था। उन्हें कोर्ट के 22 दिसंबर और पांच जनवरी के आदेश की विस्तृत जानकारी डीएफओ नीरज कुमार ने दी थी। स्थानीय लोगों को भी इससे अवगत कराकर 51.41 एकड़ के चिन्हित भूखंडों तारबाड़ में सहयोग करने के लिए भी कहा था, लेकिन शनिवार की कार्रवाई में भूखंडों के कब्जेदारों के विरोध में उतरने पर समझाने की यह कोशिश भी नाकाम ही साबित होती दिखी।