अल्मोड़ा। विकासखंड चौखुटिया के ग्राम कोट्यूड़ा में बुधवार को भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से प्रक्षेत्र प्रशिक्षण एवं तकनीकी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी गई। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार और डॉ. उत्कर्ष कुमार ने किसानों को विभिन्न कृषि विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान गंगोत्री देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य नितिका ने भी भागीदारी की। कृषक गोष्ठी में कृषि विभाग रानीखेत की सहायक कृषि अधिकारी आभा लोहनी और ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक रितिक रूपेन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में आभा लोहनी ने ‘खेत बचाओ अभियान’ की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। इसके बाद डॉ. सुशील कुमार ने संतुलित उर्वरकों के उपयोग, प्राकृतिक खेती, सूक्ष्मजीवों द्वारा बीजोपचार तथा मृदा परीक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. उत्कर्ष कुमार ने किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं, संरक्षित खेती तथा फसल विविधीकरण की जानकारी दी। उन्होंने बांस आधारित कम लागत वाले पॉलीहाउस स्थापित कर बेमौसमी सब्जियों की खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित किया और इसके आर्थिक लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। साथ ही जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए सौर बाड़ लगाने के प्रति भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 32 महिला और 14 पुरुष किसानों ने भाग लिया।
कोट्यूड़ा में किसानों को प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण की दी जानकारी


