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कमल नदी किनारे पुरोला-पोरा मोटरमार्ग कई जगहों से बना है जोखिम भरा, ग्रामीणों में आक्रोश

उत्तरकाशी (आरएनएस)। पिछले वर्ष जुलाई में आई आपदा के बाद से रामासिराई पट्टी की जीवन रेखा माने जाने वाला पुरोला–पोरा–गुंडियाट गांव मोटरमार्ग आज भी बदहाल स्थिति में है। कमल नदी के कटाव और भूस्खलन से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुका यह मोटरमार्ग कई हिस्सों में नालियों में तब्दील हो गया है, जिससे दर्जनों गांवों के हजारों लोगों का आवागमन संकट में है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है क्योंकि आठ माह बाद भी सड़क निर्माण व मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। छाड़ा, रतेडी सहित कई गांवों की खेती योग्य भूमि पिछली आपदा में नष्ट हो गई थी, जबकि इस मार्ग के खराब होने से कोटी, मोलटाड़ी, कुमारकोट, भद्राली, जवाहर नवोदय विद्यालय, छिबाला, देवढुंग, पोरा और गुंदियाट गांव आदि के लोगों को बाजार, अस्पताल और मंडी तक पहुंचने में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
छात्रों के आवागमन से लेकर टमाटर, मटर तथा अन्य नगदी फसलों की ढुलाई भी बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि मोटरमार्ग की स्थिति इतनी खराब है कि रोजमर्रा की आवाजाही भी जोखिम से भरी है। पूर्व प्रधान राजपाल पंवार, अंकित, नवीन गैरोला, उपेंद्र रावत, त्रिभुवन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को कई बार मौखिक और लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का सुधार कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।