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नगला अवैध अतिक्रमण मामले में कमिश्नर दीपक रावत ने किया स्थलीय निरीक्षण

रुद्रपुर(आरएनएस)।  अवैध अतिक्रमण की जद में आ रहे नगला नगरपालिका के करीब 800 परिवारों को एक बार फिर से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मंगलवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने डीएम समेत वन विभाग व लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों संग निरीक्षण किया। उन्होंने वन विभाग, राजस्व विभाग, पंतनगर यूनिवर्सिटी तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों तथा जनप्रतिनिधियों से सन् 1965 के राजस्व अभिलेखों तथा वर्तमान स्थिति के परिपेक्ष में नगला की भौगोलिक स्थिति की जानकारियां हासिल कीं। कमिश्नर ने कहा कि नगला का पूरा प्रकरण तराई स्टेट फॉर्म, लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग की जमीनों के सीमांकन के बीच फंसा हुआ था। जिसमें आज यह तय किया गया है कि वर्तमान में मौजूद स्टेट हाईवे के मिड सेंटर से दोनों और 50-50 फीट जगह लेने के बाद जो जगह बचती है, उसमें सभी संबंधित विभागों की जमीनों का सीमांकन कराने के बाद शेष जगह में नगला नगर पालिका निवासियों की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें अगर कोई समस्याएं आती हैं तो केंद्रीय एजेंसी से जियो ग्राफिकल मैपिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने त्योहारी सीजन के तुरंत बाद हाईवे का चिह्नीकरण कर अतिक्रमण की जद में आ रहे परिवारों से अपना अतिक्रमण स्वत: हटाने की अपील की जाएगी। यहां पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं नगरपालिका के चेयरमैन सचिन शुक्ला ने कहा कि नगला मामले में प्रदेश स्तर पर सांसद अनिल बलूनी की अध्यक्षता में मंत्री मंडलीय उप समिति बनी थी। इसमें कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्या एवं विधायक की समिति ने कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में अधिकारियों की कमेटी गठित कर नगला हाईवे तथा उससे जुड़े सभी विभागों की सर्वे कराकर नगला नगर पालिका के विकास का रास्ता निकालने की बात कही है। वहीं अधिकांश लोगों ने 50 फीट के दायरे में आ रहे अपने अवैध निर्माण को स्वत: ही तोड़ना शुरू कर दिया हैं। यहां डीएम नितिन भदौरिया, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, एसडीएम गौरव पाण्डे, ईओ विजय बिष्ट, फार्म मैनेजर पंतनगर जैन सिंह, तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी, सुनील रोहेला, बीबी मिश्रा, धनुष यादव, गोपाल जोशी, सुनील यादव, ज्योति प्रजापित, महेन्द्र बालमीकि, हरीश जोशी, हरीश पांडे पन्नालाल गुप्ता नारायण अरमोली आदि मौजूद रहे।